औद्योगिक नगरी के रूप में ख्याति

इंदौर के विकास में महाराजा तुकोजीराव (द्वितीय) का नाम सम्मान से लिया जाता है। उनके शासनकाल में इंदौर शहर में कई सड़के बनी। सन् 1875 में इंदौर रेल से जुड़ा जिससे यहाँ व्यापार व्यवसाय की गतिविधियों में तेजी आई। 19 वीं सदी से ही इस नगर का औद्योगिक विकास प्रारंभ हो चुका था। इसी की वजह से कालांतर में इंदौर एक प्रमुख औद्योगिक नगर बन गया। इसका श्रेय संगठित मजदूर संघों को भी है, जिन्होंने इंदौर को राष्ट्र के नक्शे पर स्थापित किया। कपड़ा उद्योग इंदौर के विकास की बुनियाद रहा। तब इस उद्योग की स्थापना 1871-72 में तत्कालीन शासक महाराज तुकोजीराव (द्वितीय) ने शासकीय स्तर पर की थी। इससे इस प्रमाण को बल मिलता है कि शासन एवं व्यावसायियों में बेहतर समन्वय था जिसकी वजह से यहाँ। वस्त्र व अन्य उद्योग पनपे। इंदौर म.प्र. की औद्योगिक राजधानी बना।

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