Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/indore360/public_html/wp-content/themes/digital-newspaper/inc/breadcrumb-trail/breadcrumbs.php on line 252

Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/indore360/public_html/wp-content/themes/digital-newspaper/inc/breadcrumb-trail/breadcrumbs.php on line 252

Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/indore360/public_html/wp-content/themes/digital-newspaper/inc/breadcrumb-trail/breadcrumbs.php on line 252

आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर होगा प्रकरणों का निराकरण

इंदौर जिले में आगामी 9 मार्च को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इस लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन्दौर, अध्यक्ष श्री बीपी शर्मा के मार्गदर्शन में होगी। आगामी 9 मार्च को जिला न्यायालय, इन्दौर श्रम न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय डॉ. अम्बेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर व हातोद में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। आयोजित नेशनल लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे हेतु रखे गये हैं, जिनके अंतर्गत राजीनामा योग्य आपराधिक सिविल, मोटर दुर्घटना क्लेम, विद्युत, चेक बाउस, बैंक रिकवरी, जलकर, भू-अर्जन, वैवाहिक एवं अन्य प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी विद्युत व अन्य से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर निराकरण हेतु रखे जा रहे हैं। जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आसिफ अहमद अब्बासी ने बताया कि गत वर्ष से लोक अदालतों में हर बार निरंतर वृद्धि कर रहे है। अच्छे परिणाम हमें प्राप्त हुए हैं। यह सभी अधिवक्ताओं की सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण एवं सहयोग से ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण से दोनों पक्षों के बीच कटुता नहीं होती है। दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को अपने पक्षकारों को प्रकरण लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कराये जाने के लिए समझाईस देना चाहिए और उन्हें इसके लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि लोक अदालत का लाभ सभी को मिल सके। प्रधान न्यायाधीश ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि राजीनामा वास्तव में दो पक्षों की आपसी सहमति का विषय है और मामला वहीं समाप्त हो जाता है। लम्बे समय से चल रहे विवादों का जब समाधान के आधार पर या राजीनामे के आधार पर प्रकरणों का समापन होता है तो दोनों ही पक्षों को खुशी मिलती है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियम एवं शर्तों के अधीन प्रीलिटिगेशन एवं लीटिगेशन स्तर पर छूट दी जाएगी। नगर निगम द्वारा संपत्ति एवं जलकर के सरचार्ज में राहत दी जा रही है। इसके साथ ही मोटर दावा दुर्घटना के प्रकरणों के निराकरण के सबंध में बीमा कंपनियों के साथ प्रीसिटिंग की जाकर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मिथिलेश डेहरिया ने नेशनल लोक अदालत में समस्त पक्षकारों से अपने-अपने प्रकरणों का आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर निराकरण कराये जाने हेतु आग्रह किया है। साथ ही लोक अदालत में राजीनामे के आधार पर प्रकरण के निराकरण पर पक्षकार अदा की गई कोर्ट फीस शासन से वापस प्राप्त कर सकेंगे। इसी प्रकार चेक बाउंस के मामलों में भी समझौता शुल्क में विवेकानुसार छूट रहेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन्दौर द्वारा ऐसे सभी व्यक्तियों से जिनके राजीनामा योग्य प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है या प्रीलिटिगेशन मामला है से अपील की गई है कि 9 मार्च 2024 को जिला न्यायालय परिसर में उपस्थित होकर सुलह समझौते के आधार पर अपने प्रकरण का निराकरण कराने हेतु लोक अदालत में उपस्थित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com