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Education
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इंदौर. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इंदौर सहित प्रदेशभर के 20 कॉलेजों पर की गई छापामार कार्रवाई से मचे हड़कंप के बीच गुरुवार को नौ कॉलेजों पर छापे पड़े। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. परीक्षितसिंह और उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नरेंद्र धाकड़ ने यूनिवर्सिटी के दायरे में आने वाले इन कॉलेजों पर छापे मारे और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
कार्रवाई के दौरान चार कॉलेजों- वाइटल इन्फोटेक इंस्टिट्यूट, प्रोटोन बिजनेस स्कूल, रिफार्मर बिजनेस स्कूल, एलाइड इंस्टिट्यूट में गड़बड़ी मिली है। यह सभी प्रदेश सरकार से अनुमति लिए बगैर अन्य यूनिवर्सिटी के कोर्स चला रहे थे। उधर,इस कार्रवाई को कॉलेज संचालकों ने गलत ठहराया है।
सपना-संगीता रोड बंशीवाल बिल्डिंग के चौथे माले पर चल रहे वाइटल इन्फोटेक इंस्टिट्यूट में नियम विरुद्ध दूसरे राज्यों की तीन यूनिवर्सिटी के बीए और बीएससी कोर्स चलाए जा रहे थे। कॉलेज संचालक एस.यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्धता बताकर एमबीए का पत्राचार पाठ्यक्रम चलाया जा रहा था। एलाइड में दक्षिण भारत की दो यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेशनल कोर्स चलाए जा रहे थे। प्रोटोन बिजनेस इंस्टिट्यूट में भी दो कोर्स अन्य यूनिवर्सिटी के चलाए जा रहे थे। टीम ने आईपीएस एकेडमी, आईएमआई, अरिहंत इंस्टिट्यूट, विक्टोरिया इंस्टिट्यूट, साहिब इंस्टिट्यूट में भी छापे मारे लेकिन रजिस्ट्रार ने इन संस्थानों में क्या गड़बड़ियां मिली इसका खुलासा नहीं किया है।
पांच घंटे चली कार्रवाई
दोपहर में शुरू हुई छापे की कार्रवाई शाम तक लगभग पांच घंटे चली। टीम ने ताबड़तोड़ दस्तावेज जब्त किए और प्रबंधकों से बातचीत की। जिन कॉलेजों में अन्य यूनिवर्सिटी के कोर्स चल रहे थे, उनकी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। रजिस्ट्रार और अतिरिक्त संचालक की टीम की कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी। टीम ने कुछ और कॉलेज चिह्नित किए हैं।
कार्रवाई क्यों?
उच्च शिक्षा विभाग को शिकायत मिली थी कि इंदौर के लगभग दर्जनभर कॉलेज प्रदेश के बाहर अन्य यूनिवर्सिटी से डिस्टेंस एजुकेशन में एमबीए के लिए एफिलिएशन लेते हैं। चूकि यह नियमों के विपरीत है इसलिए ऐसे कॉलेज संबद्धता प्राप्त यूनिवर्सिटी का कोई प्रोग्राम भी उसके साथ जोड़ देते हैं। ज्यादातर कॉलेज एमबीए प्लस पीजीपी जैसे प्रोग्राम चला रहे हैं।
आईएमआई के खिलाफ केस दर्ज
राज्य शासन की अनुमति के बिना पाठ्यक्रम का संचालन कर धोखाधड़ी करने पर आईएमआई के संचालक विकास तिवारी के खिलाफ जूनी इंदौर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इस संस्था के खिलाफ शासकीय साइंस कॉलेज भोपाल के डॉ. राजेश खरे की शिकायत पर कार्रवाई की गई। इस संस्था के खिलाफ केस तो दर्ज हो गया लेकिन रजिस्ट्रार द्वारा बताए गए संस्थानों में इसका उल्लेख नहीं है। इस मामले में श्री तिवारी का कहना है वेबसाइट की पुरानी जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई।
कॉलेज संचालकों ने कहा- सभी पाठ्यक्रमों की अनुमति है
हमारे यहां कोर्स भारत सरकार द्वारा अनुशंसित संस्थान एआईसीटीई, कौसिंल ऑफ आर्किटेक्चर, एनसीटीई, बार कौसिंल ऑफ इंडिया एवं उच्च शिक्षा विभाग म.प्र. के पाठ्यक्रम के अनुसार ही चलाए जा रहे हैं।
डॉ.जी.वी.कुलकर्णी, प्राचार्य और निदेशक,आईपीएस एकेडमी
हमारे यहां सारे कोर्स देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से परमिशन मिलने के बाद ही चलाए जा रहे हैं।
कविता कासलीवाल,अरिहंत कॉलेज
प्रोटोन के संचालकों ने इस बारे में कोई भी बात करने से इंकार कर दिया।
वाइटल संचालक एस. यादव से इस मामले में संपर्क करने की कोशिश की गई मगर वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
डॉ.परीक्षितसिंह रजिस्ट्रार से सीधी बात
वाइटल के खिलाफ दर्ज कराएंगे एफआईआर छापे में क्या गड़बड़ियां मिली हैं? नौ कॉलेजों के रिकॉर्ड खंगाले,। चार में गड़बड़ी मिली है। वाइटल इन्फोटेक इंस्टिट्यूट में ज्यादा अनियमितता है। उस पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे।
बाकी संस्थानों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? सारे कॉलेजों की रिपोर्ट शासन को भेज रहे हैं। सात दिन में शासन इस पर निर्णय लेगा।
कितने विद्यार्थी प्रभावित होंगे?
लगभग 5000 विद्यार्थी, जिन्होंने अब तक डिग्री ली होगी।
क्या डिग्री फर्जी है? यह शासन तय करेगा। News By: Bhaskar
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